
खगोल विज्ञान के शौकीनों के लिए साल 2027 बेहद खास होने वाला है। 2 अगस्त, 2027 को सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है, जो करीब 6 मिनट 23 सेकंड तक चलेगा। नासा के मुताबिक यह सूर्य ग्रहण अब तक के सबसे लंबे ग्रहणों में से एक होगा, जो पृथ्वी के तापमान में अस्थायी गिरावट और दिन के समय अंधेरे जैसी दुर्लभ परिस्थितियाँ पैदा करेगा।
Table of Contents
कहां दिखाई देगा यह ग्रहण
2027 का यह पूर्ण सूर्य ग्रहण यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और पश्चिम एशिया के कई हिस्सों में साफ तौर पर देखा जा सकेगा। मिस्र का ऐतिहासिक शहर लक्सर (Luxor) इस घटना का सबसे शानदार नजारा पेश करेगा, जहां लगभग साढ़े छह मिनट तक सूर्य पूरी तरह ढका रहेगा।
भारत से कैसा दिखेगा नजारा
भारत में भले ही यह पूर्ण सूर्य ग्रहण नहीं दिखेगा, लेकिन देश के ज्यादातर हिस्सों में आंशिक ग्रहण का सुंदर नजारा देखने को मिलेगा। खगोल विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत में यह ग्रहण दोपहर 3:34 बजे से शाम 5:53 बजे तक देखा जा सकेगा।
गुजरात के पिपर शहर में इसका सबसे स्पष्ट दृश्य मिलेगा, जिसकी अवधि करीब 1 घंटा 46 मिनट होगी।
देश के अन्य राज्य जैसे दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, असम और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी यह आंशिक रूप से दिखेगा।
इतिहास में सबसे लंबे सूर्य ग्रहण
हालिया इतिहास में सबसे लंबा ग्रहण 11 जुलाई 1991 को हुआ था, जो 6 मिनट 53 सेकंड चला था। इसके बाद 2027 का यह ग्रहण इस अवधि के बहुत करीब रहेगा। खगोलविदों का कहना है कि सैद्धांतिक रूप से सूर्य ग्रहण अधिकतम 7 मिनट 32 सेकंड तक चल सकता है, यानी 2027 का ग्रहण खगोलीय दृष्टि से उस सीमा के बिल्कुल करीब होगा।
क्यों खास है यह घटना
यह सूर्य ग्रहण न केवल अपनी अवधि के कारण खास है, बल्कि इसके बाद ऐसे लंबे ग्रहण के लिए लोगों को साल 2114 तक इंतज़ार करना पड़ेगा। वैज्ञानिकों के अनुसार, ऐसे समय में जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के ठीक सीध में आता है, तब सूर्य का पूरा डिस्क ढक जाता है—जिससे दिन के उजाले में भी रात जैसा अंधकार छा जाता है।
















