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Bijli Chori: बिजली चोरों पर CM योगी की नकेल! सरकार करने जा रही है ये बड़ा काम, तुरंत हो जाएं सावधान

यूपीपीसीएल चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल ने आदेश दिया है कि अब बिजलीकर्मी खुद भरेंगे अपने घर का बिजली बिल। किसी को कोई छूट नहीं मिलेगी और सभी के घरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे ताकि बिलिंग पूरी तरह पारदर्शी हो सके।

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उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने एक अहम निर्णय लेते हुए सभी बिजली विभाग कर्मियों को अपने घरों का बिजली बिल नियमित रूप से जमा करने का निर्देश दिया है। चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल ने कहा है कि अब किसी भी कर्मचारी को बिजली बिल में किसी प्रकार की रियायत या छूट नहीं मिलेगी।

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स्मार्ट प्रीपेड मीटर से होगी निगरानी

सभी कर्मचारी आवासों में अब एलएमवी-10 श्रेणी के स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। चेयरमैन के निर्देश के अनुसार, मीटर लगाने के काम में किसी तरह की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हाल ही में कानपुर में मीटर लगाने गई टीम को कुछ कर्मचारियों द्वारा रोके जाने की घटना के बाद अब पूरे विभाग को नियमों के पालन के लिए सख्ती से कहा गया है।

ट्रांसफॉर्मर खराबी पर नाराजगी

बैठक में डॉ. गोयल ने बताया कि पिछले नौ महीनों में 146 ट्रांसफॉर्मर खराब हुए हैं, जो रख-रखाव और निगरानी की कमी को दर्शाता है। उन्होंने क्षेत्रवार समीक्षा की और जिम्मेदार अधिकारियों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्य में पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी दिखाएं, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सके।

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राहत योजना पर दिया विशेष जोर

चेयरमैन ने बिजली बिल राहत योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि पात्र उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक संख्या में इसका लाभ दिया जाए। बकायेदारों और बिजली चोरी के मामलों में फंसे उपभोक्ताओं तक भी योजना की जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने फेसलेस बिल रिवीजन सिस्टम में आई शिकायतों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत समयबद्ध तरीके से निपटाने के निर्देश भी दिए। साथ ही, आरडीएसएस (RDSS) योजना के कार्यों में कर्मचारियों को प्रशिक्षित और दक्ष बनाने पर बल दिया गया।

पनकी थर्मल प्लांट का निरीक्षण

निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान चेयरमैन ने ट्रांसगंगा सिटी में अधूरे पड़े ट्रांसमिशन सबस्टेशन की स्थिति का जायजा लिया। जांच में पता चला कि परियोजना यूपीसीडा और यूपीपीसीएल के बीच तालमेल की कमी के कारण रुकी हुई थी।

इसके अलावा, उन्होंने पनकी स्थित 660 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट का निरीक्षण किया और बीएचईएल टीम को शेष कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। बताया गया कि प्लांट के शुरू होते ही बिजली उत्पादन लागत 4.48 रुपये प्रति यूनिट से घटकर लगभग 3.24 रुपये प्रति यूनिट रह जाएगी। इससे गर्मियों में बिजली की उपलब्धता बढ़ेगी और थर्मल बैकिंग कम होगी।

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