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45,000 छात्राओं को मिलेगी फ्री स्कूटी! लिस्ट में चेक करें अपना नाम, जानें किन छात्राओं को मिलेगा योजना का लाभ

उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना शुरू करने जा रही है, जिसके तहत स्नातक द्वितीय वर्ष की 45,000 मेधावी छात्राओं को फ्री स्कूटी दी जाएगी। यह योजना बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। सरकार ने इस योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट तय किया है।

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45,000 छात्राओं को मिलेगी फ्री स्कूटी! लिस्ट में चेक करें अपना नाम, जानें किन छात्राओं को मिलेगा योजना का लाभ

उत्तर प्रदेश सरकार अब राज्य की मेधावी छात्राओं को आत्मनिर्भर और शिक्षित बनाने की नई दिशा में कदम बढ़ाने जा रही है। जल्द ही शुरू होने जा रही “रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना” का उद्देश्य केवल छात्राओं को सुविधा देना नहीं, बल्कि उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना भी है। सरकार की इस योजना से हजारों बेटियों के चेहरे पर मुस्कान आने वाली है।

योजना की शुरुआत और उद्देश्य

इस योजना की घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में की जा रही है। उच्च शिक्षा विभाग फिलहाल इस योजना के नियम और शर्तें तय करने में जुटा है ताकि जल्द से जल्द इसे लागू किया जा सके। योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मेधावी छात्राओं को कॉलेज आने-जाने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो और वे अपनी पढ़ाई निरंतर जारी रख सकें।

रानी लक्ष्मीबाई का नाम इस योजना के लिए इसलिए चुना गया है क्योंकि वे साहस, शिक्षा और आत्मनिर्भरता की जीवंत मिसाल हैं। सरकार चाहती है कि राज्य की हर बेटी में वही आत्मविश्वास और जज्बा पैदा हो।

किन छात्राओं को मिलेगा लाभ?

रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना का लाभ विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में पढ़ रही स्नातक द्वितीय वर्ष की छात्राओं को दिया जाएगा। सरकार ने यह तय किया है कि इस योजना में उन्हीं छात्राओं को शामिल किया जाएगा जिन्होंने ग्रेजुएशन के पहले वर्ष की परीक्षा अच्छे अंकों से पास की है। उनकी फर्स्ट ईयर की मार्कशीट के आधार पर चयन किया जाएगा।

राज्य में वर्तमान में लगभग 9 लाख छात्राएँ स्नातक पाठ्यक्रमों में पढ़ाई कर रही हैं। इनमें से टॉप 5 प्रतिशत यानी लगभग 45,000 मेधावी छात्राओं को फ्री स्कूटी प्रदान की जाएगी। यह स्कूटी उन्हें कॉलेज जाने और पढ़ाई जारी रखने में काफी सहूलियत देगी।

पारंपरिक और प्रोफेशनल कोर्स की छात्राएँ शामिल

यह योजना केवल पारंपरिक स्नातक पाठ्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेगी। जिन छात्राओं ने प्रोफेशनल कोर्स जैसे बी.एड., बी.कॉम, बी.एससी., बी.सी.ए. या अन्य तकनीकी विषयों में प्रवेश लिया है, वे भी इस योजना के तहत पात्र होंगी। सरकार चाहती है कि चाहे वह कला की छात्रा हो या विज्ञान की, हर deserving बेटी को समान अवसर मिले।

400 करोड़ रुपये का बजट तय

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना के सफल संचालन और निष्पादन के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। यह बजट छात्राओं की स्कूटी और संबंधित व्यवस्थाओं पर खर्च किया जाएगा। सरकार की योजना है कि स्कूटी का वितरण व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से किया जाए, ताकि पात्र छात्राओं तक लाभ सीधे पहुँच सके।

बेटियों के लिए शिक्षा का नया अध्याय

इस योजना को लेकर सामाजिक और शैक्षिक संस्थानों में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। उत्तर प्रदेश शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मौलीन्दु मिश्रा का कहना है कि आज की लड़कियाँ न सिर्फ पढ़ाई में आगे हैं, बल्कि राज्य और देश का नाम भी रोशन कर रही हैं। स्कूटी योजना से उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी और कॉलेज आने-जाने में सुरक्षा और सुविधा बढ़ेगी।

योजनाओं से बढ़ेगा महिला सशक्तिकरण

यह योजना केवल स्कूटी देने तक सीमित नहीं है यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है। जब एक लड़की अपने दम पर कॉलेज जा सकती है, अपने सपनों को पूरा करने की आज़ादी पा सकती है, तो समाज में भी एक सकारात्मक बदलाव आता है। यह पहल नारी शिक्षा को नई ऊर्जा देने वाली साबित हो सकती है।

जल्द हो सकती है योजना की शुरुआत

उच्च शिक्षा विभाग ने सभी नियम और दिशा-निर्देश तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि नए शैक्षणिक सत्र से पहले योजना को लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद पात्र छात्राओं से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे और दस्तावेज़ सत्यापन के बाद स्कूटी वितरण का कार्यक्रम शुरू होगा।

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