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Home Rent Rules: मकान मालिक और किराएदारों के लिए 2 नए नियम लागू! सिक्योरिटी डिपॉजिट और एग्रीमेंट में हुए 5 बड़े बदलाव, जान लें अपना हक

किराए पर रहने वालों और मकान मालिकों के लिए नियम बदल गए हैं! अब सिक्योरिटी डिपॉजिट, किराया एग्रीमेंट और नोटिस पीरियड से जुड़ी 5 बड़ी शर्तें नया कानून तय करेगा। जानें, कौन से हक और जिम्मेदारियां आपके लिए जरूरी हैं।

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भारत में किराए पर मकान लेना-देना अब पहले से ज्यादा सुरक्षित और आसान हो गया है। हाल ही में लागू हुए दो प्रमुख नियम सिक्योरिटी डिपॉजिट और किराया समझौते को पूरी तरह बदल देंगे। इनसे किराएदारों को आर्थिक राहत मिलेगी, जबकि मकान मालिकों को स्पष्ट कानूनी सुरक्षा। ये बदलाव बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु में रहने वालों के लिए खासतौर पर फायदेमंद साबित होंगे।

Home Rent Rules: मकान मालिक और किराएदारों के लिए 2 नए नियम लागू! सिक्योरिटी डिपॉजिट और एग्रीमेंट में हुए 5 बड़े बदलाव, जान लें अपना हक

सिक्योरिटी डिपॉजिट की नई सीमा

पहला बड़ा बदलाव सिक्योरिटी डिपॉजिट को लेकर है। अब घर के किराए पर अधिकतम दो महीने का डिपॉजिट ही लिया जा सकेगा। कमर्शियल जगहों के लिए यह छह महीने तक सीमित रहेगा। इससे किराएदारों को हजारों रुपये का बोझ कम होगा। घर खाली करते समय डिपॉजिट तुरंत लौटाना जरूरी होगा, जिसमें केवल वैध कटौतियां ही काटी जा सकेंगी। फोटो या सबूत के साथ हिसाब देना अनिवार्य कर दिया गया है।

रेंट एग्रीमेंट में पांच महत्वपूर्ण बदलाव

दूसरा नियम किराया समझौते को डिजिटल और रजिस्टर्ड बनाने पर जोर देता है। एग्रीमेंट लिखित रूप में होना चाहिए और साइन करने के 60 दिनों के अंदर ऑनलाइन रजिस्टर कराना पड़ेगा। बिना रजिस्ट्रेशन पर पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगेगा।

किराया बढ़ोतरी साल में सिर्फ एक बार, 90 दिन पहले नोटिस देकर और 5-10 फीसदी तक ही हो सकेगी। मकान मालिक को घर में घुसने के लिए 24 घंटे का नोटिस देना होगा, रात के समय प्रवेश पूरी तरह बंद। मरम्मत का बोझ भी बांटा गया—छोटी-मोटी किराएदार करेंगे, बड़ी मकान मालिक संभालेंगे।

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किराएदारों को मिले नए अधिकार

किराएदार अब बिना वजह नहीं निकाले जा सकेंगे। केवल किराया न चुकाने या समझौता तोड़ने पर ही निकाला जा सकेगा। विवादों का फैसला 60 दिनों में रेंट अथॉरिटी करेगी। ऊंचे किराए पर टीडीएस कटेगा और पेमेंट डिजिटल तरीके से होगा। इससे फर्जीवाड़ा रुकेगा और किराएदारों का हक सुरक्षित रहेगा।

मकान मालिकों के लिए फायदे

मकान मालिकों को भी लाभ मिलेगा। समय पर किराया न मिलने पर दोगुना वसूल सकेंगे। डिजिटल रिकॉर्ड से कानूनी झगड़े कम होंगे। मानकीकृत एग्रीमेंट से उनकी संपत्ति सुरक्षित रहेगी। पुराने अनौपचारिक समझौतों को जल्द अपडेट कराना जरूरी है।

ये नियम राज्य स्तर पर थोड़े अलग हो सकते हैं, इसलिए स्थानीय नियमों की जांच करें। नया साल किराएदारों के लिए राहत भरा साबित होगा। जल्दी एग्रीमेंट अपडेट कराएं और झगड़ों से बचें।

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