
अगर आप इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में लंबी अवधि के लिए निवेश करने का सोच रहे हैं, तो पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड (Parag Parikh Flexi Cap Fund) एक ऐसा नाम है जिसने बीते दशक में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिए हैं। इस फंड ने पिछले 10 सालों में अपने निवेशकों की संपत्ति को पांच गुना से अधिक बढ़ाकर मिसाल कायम की है। यह प्रदर्शन इसे देश के सबसे भरोसेमंद फंड्स में से एक बनाता है।
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देश का सबसे बड़ा फ्लेक्सी कैप फंड बना
एसेट्स के मामले में यह आज भारत का सबसे बड़ा फ्लेक्सी कैप फंड बन गया है। इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) अब 1 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है जो किसी भी डायनेमिक इक्विटी स्कीम के लिए बेहद खास उपलब्धि है। पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड को 24 मई 2013 को लॉन्च किया गया था, और तब से यह लगातार निवेशकों के पोर्टफोलियो में मजबूती के साथ शामिल रहा है।
यह स्कीम लार्ज-कैप, मिड-कैप और स्मॉल-कैप तीनों कैटेगरी के शेयरों में निवेश करती है। इस “फ्लेक्सी” निवेश रणनीति की वजह से फंड मार्केट के उतार-चढ़ाव में भी संतुलन बनाए रखता है।
छोटे निवेश से बड़ी संपत्ति का उदाहरण
अगर किसी निवेशक ने इस फंड में शुरुआती समय यानी 24 मई 2013 से हर महीने 10,000 रुपये की एसआईपी (SIP) शुरू की होती, तो आज उसकी फंड वैल्यू चौंकाने वाले स्तर पर पहुंच चुकी होती।
- डायरेक्ट प्लान में यह राशि अब लगभग 51.03 लाख रुपये हो गई होती।
- रेगुलर प्लान में यही रकम करीब 48.04 लाख रुपये होती।
इस दौरान डायरेक्ट प्लान ने करीब 19.84% का और रेगुलर प्लान ने 18.93% का सालाना कंपाउंड रिटर्न (CAGR) दिया है। यह आंकड़े दिखाते हैं कि लंबे समय में इक्विटी निवेश कितनी तेजी से आपकी पूंजी बढ़ा सकता है।
5 और 10 साल के निवेश का रिटर्न
अगर किसी निवेशक ने केवल 5 साल तक हर महीने 10,000 रुपये की एसआईपी की होती, कुल निवेश लगभग 6 लाख रुपये के बराबर होता। इसकी वैल्यू आज 10.24 लाख रुपये तक पहुंच चुकी होती। वहीं, अगर आपने यह निवेश 10 साल तक जारी रखा होता, यानी कुल 10 लाख रुपये का निवेश, तो आपकी वैल्यू आज 35.22 लाख रुपये हो जाती।
यह उदाहरण स्पष्ट करता है कि धैर्य और निरंतरता म्यूचुअल फंड निवेश में कितना महत्वपूर्ण रोल निभाते हैं।
क्यों खास है पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड
पराग पारिख फंड का सबसे बड़ा पॉइंट इसकी निवेश फिलॉसफी है “क्वालिटी कंपनियों में ही लंबी अवधि का निवेश”।
यह फंड केवल घरेलू शेयर बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका एक हिस्सा ग्लोबल कंपनियों में भी निवेशित रहता है। कभी-कभी यह फंड अल्फाबेट (Google), माइक्रोसॉफ्ट या फेसबुक जैसी कंपनियों में हिस्सेदारी रखता है, जिससे इसे अंतरराष्ट्रीय ग्रोथ का एक्सपोजर भी मिलता है।
फंड मैनेजमेंट टीम की पारदर्शी और रिसर्च-बेस्ड एप्रोच इस फंड को स्थिरता देती है। यही कारण है कि बाजार की गिरावट के दौरान भी इसने अपेक्षाकृत कम वोलैटिलिटी दिखाई है।
किन लोगों के लिए सही है यह फंड
यह स्कीम उन निवेशकों के लिए आदर्श है जो लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएशन के लक्ष्य के साथ इक्विटी में निवेश करना चाहते हैं। ऐसे निवेशक जो 5 से 10 साल या इससे भी अधिक समय तक निवेश बनाए रख सकते हैं, उन्हें यह फंड आकर्षक रिटर्न दे सकता है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि पिछला प्रदर्शन भविष्य की गारंटी नहीं होता। म्यूचुअल फंड्स में मार्केट रिस्क जुड़ा रहता है, इसलिए निवेश से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य और जोखिम सहने की क्षमता का आकलन जरूर करें।
















