भारतीय छात्रों के लिए विदेश में उच्च शिक्षा अब आसान हो गई है। ब्रिटिश काउंसिल ने एक शानदार योजना शुरू की है, जिसमें ₹10.5 लाख तक की आर्थिक मदद मिलेगी। यह मौका उन युवाओं को है जो मास्टर्स डिग्री के सपने देखते हैं। बिना ज्यादा पैसे खर्च किए ब्रिटेन की नामी यूनिवर्सिटीज में दाखिला पा सकते हैं।

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योजना की मुख्य विशेषताएं
यह स्कॉलरशिप एक साल के पोस्टग्रेजुएट कोर्स की फीस को कवर करती है। हर छात्र को कम से कम £10,000 की राशि मिलती है, जो भारतीय मुद्रा में ₹10.5 लाख के करीब बनती है। विभिन्न विषय जैसे बिजनेस, साइंस, लॉ और आर्ट्स में कोर्स उपलब्ध हैं। कुल 12 से ज्यादा सीटें भारतीयों के लिए आरक्षित हैं। यह ब्रिटेन सरकार की महत्वाकांक्षी कैंपेन का हिस्सा है।
पात्रता के सरल नियम
भारतीय पासपोर्ट धारक ही आवेदन कर सकते हैं। ग्रेजुएशन पूरा होना अनिवार्य है, जिसमें अच्छे अंक जरूरी हैं। ब्रिटेन की भाग लेने वाली यूनिवर्सिटीज में एडमिशन का ऑफर लेना पड़ता है। इंग्लिश लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट जैसे आईईएलटीएस में न्यूनतम स्कोर चाहिए। कोई अन्य स्कॉलरशिप या फंडिंग न ले रखी हो। प्रोफेशनल एक्सपीरियंस या विषय से जुड़ी रुचि बोनस पॉइंट देती है।
आवेदन की आसान प्रक्रिया
सबसे पहले पसंदीदा यूनिवर्सिटी में कोर्स के लिए अप्लाई करें और एडमिशन लेटर लें। फिर आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म भरें। इसमें अकादमिक रिकॉर्ड, पर्सनल स्टेटमेंट और रेफरेंस लेटर्स जमा करने होते हैं। डेडलाइन अप्रैल 2026 तक है, इसलिए जल्दी शुरू करें। शॉर्टलिस्ट होने पर इंटरव्यू हो सकता है। सफल उम्मीदवारों को जून तक रिजल्ट मिल जाता है।
फायदे जो बदल देंगे करियर
यह सिर्फ पैसे की मदद नहीं, बल्कि ग्लोबल एक्सपोजर का द्वार खोलती है। ब्रिटेन की वर्ल्ड-क्लास फैसिलिटीज और नेटवर्किंग से करियर बूस्ट मिलेगा। पढ़ाई के बाद भारत लौटकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का मौका। सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलता है। कम खर्च में इंटरनेशनल डिग्री पाकर लाखों रुपये बचा सकते हैं।
















