आधार कार्ड अब हर काम का आधार बन चुका है, खासकर बच्चों के लिए स्कूल एडमिशन से लेकर सरकारी योजनाओं तक। UIDAI बच्चों के नामांकन को और सुरक्षित बनाने के लिए नई व्यवस्था लाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसमें 5 से 18 साल के बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य हो सकता है।

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मौजूदा प्रक्रिया में क्या होता है
फिलहाल 5 साल से कम उम्र के बच्चों का आधार आसानी से माता-पिता के दस्तावेजों पर बन जाता है, जिसमें बायोमेट्रिक की जरूरत नहीं पड़ती। लेकिन 5 साल पूरे होने पर फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन अपडेट अनिवार्य हो जाता है, जो मुफ्त में उपलब्ध है। 15 साल की उम्र में दूसरा बड़ा अपडेट जरूरी होता है ताकि आधार सक्रिय रहे।
नई तैयारी का खुलासा
UIDAI अब 5 से 18 साल के हर बच्चे के आधार के लिए जन्म प्रमाण पत्र को मुख्य दस्तावेज बनाने पर जोर दे रहा है। पहले यह वैकल्पिक था, लेकिन अब धोखाधड़ी रोकने और डेटा सटीकता सुनिश्चित करने के लिए इसे जरूरी किया जा सकता है। इसमें AI आधारित सत्यापन और QR कोड चेकिंग भी शामिल होगी, जिससे नाम या जन्मतिथि बदलाव सीमित रहेंगे।
बदलाव के पीछे की वजहें
बिना मजबूत प्रमाण के बने आधार से सरकारी लाभों में गड़बड़ी की शिकायतें बढ़ रही हैं। जन्म प्रमाण पत्र से बच्चे की उम्र, नाम और परिवारिक संबंध स्पष्ट हो जाएगा, जो स्कूल, छात्रवृत्ति और डीबीटी योजनाओं के लिए जरूरी है। रोजाना हजारों नए आवेदन आने पर सिस्टम को मजबूत बनाना UIDAI की प्राथमिकता है।
अभिभावकों के लिए सलाह
जल्द से जल्द बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करें और नजदीकी आधार केंद्र पर माता-पिता का आधार, फोटो व अन्य दस्तावेज लेकर पहुंचें। अपडेट मुफ्त है, लेकिन देरी से आधार निष्क्रिय हो सकता है। ऑनलाइन स्टेटस चेक कर समय पर कार्रवाई करें ताकि भविष्य में कोई परेशानी न हो।
















