Join Youtube

बिहार में 5 नए एक्सप्रेसवे बनेंगे, नीतीश सरकार का मेगा प्लान, रूट और डिटेल जानिए

बिहार में ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को लेकर बड़ी घोषणा! नीतीश कुमार सरकार ने राज्य में 5 नए एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। जानिए किन जिलों से गुजरेंगे ये रास्ते और कैसे बदलेंगे पूरे प्रदेश की तस्वीर।

Published On:

नीतीश कुमार की सरकार बिहार को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का हब बनाने के लिए कमर कस चुकी है। राज्य में पांच बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम हो रहा है, जो कुल मिलाकर हजारों किलोमीटर लंबे रोड नेटवर्क तैयार करेंगे। इनसे यात्रा का समय घंटों कम हो जाएगा और आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

बिहार में 5 नए एक्सप्रेसवे बनेंगे, नीतीश सरकार का मेगा प्लान, रूट और डिटेल जानिए

एक्सप्रेसवे की लिस्ट और रूट

ये प्रोजेक्ट्स बिहार के कोने-कोने को छुएंगे, खासकर उत्तर, पूर्व और दक्षिणी हिस्सों को। पटना से पूर्णिया तक का सफर अब कुछ ही घंटों में पूरा होगा, जबकि रक्सौल से हल्दिया की लाइन नेपाल बॉर्डर से बंगाल के पोर्ट तक सीधी पहुंच देगी। गोरखपुर-सिलीगुड़ी वाला रूट पूर्वी चंपारण से किशनगंज तक फैलेगा, और वाराणसी-कोलकाता बिहार के दक्षिणी जिलों को जोड़ेगा। बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे गंगा के किनारे तेज कनेक्शन बनाएगा। कुल लंबाई 1600 किलोमीटर से ज्यादा है।

निवेश और समयसीमा

सरकार ने इन पर करीब 1.2 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। निर्माण का लक्ष्य 2027 तक रखा गया है, जिसमें सिक्स-लेन ग्रीनफील्ड रोड्स शामिल हैं। स्पीड लिमिट 120 किमी प्रति घंटा होगी, जिससे ट्रैफिक जाम जैसी समस्या खत्म हो जाएगी। भूमि अधिग्रहण और एलाइनमेंट फाइनल हो चुके हैं, कई जगहों पर काम शुरू भी हो गया है।

यह भी पढ़ें- राशन कार्ड धारकों के लिए बुरी खबर! इस तारीख के बाद बंद हो जाएगा राशन मिलना

आर्थिक और सामाजिक फायदे

इन एक्सप्रेसवे से व्यापार को बल मिलेगा, क्योंकि हल्दिया पोर्ट और उत्तर भारत के बाजार सीधे जुड़ जाएंगे। ग्रामीण इलाकों में रोजगार बढ़ेगा, निवेशक आकर्षित होंगे और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उद्योगपतियों के लिए लॉजिस्टिक्स सस्ता पड़ेगा, जिससे मैन्युफैक्चरिंग हब उभरेगा। महिलाओं और युवाओं के लिए नई संभावनाएं खुलेंगी, जैसे सात निश्चय योजना से लिंकअप।

निर्माण की चुनौतियां और समाधान

कुछ इलाकों में जमीन विवाद और पर्यावरण क्लियरेंस की रुकावटें हैं, लेकिन राज्य सरकार ने स्पेशल अथॉरिटी बनाकर इन्हें दूर करने का प्लान किया है। केंद्र के साथ तालमेल से फंडिंग सुनिश्चित है। लोकल ठेकेदारों को प्राथमिकता देकर रोजगार दिया जा रहा है। ये प्रोजेक्ट्स बिहार को विकास की नई पटरी पर ला देंगे, जहां हर जिला तेजी से आगे बढ़ेगा।

Leave a Comment

अन्य संबंधित खबरें

🔥 वायरल विडिओ देखें