कई लोग बिना सोचे-समझे बैंक खाते में नकदी जमा कर देते हैं, लेकिन इसके सख्त नियम हैं जो जानना जरूरी है। गलत तरीके से ज्यादा कैश डालने पर आयकर नोटिस आ सकता है और भारी जुर्माना लग सकता है। ये नियम पारदर्शिता बनाए रखने और काले धन पर रोक लगाने के लिए हैं।

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सेविंग्स अकाउंट की सीमाएं
सेविंग्स खाते में साल भर में दस लाख रुपये से ज्यादा नकदी जमा करने पर बैंक अलर्ट हो जाता है। एक ही बार में पचास हजार रुपये से ऊपर डालते समय पैन कार्ड जरूर दिखाना पड़ता है। अगर स्रोत साबित न हो तो वो रकम आपकी आय मानी जाती है और टैक्स चुकाना पड़ता है। छोटे-छोटे डिपॉजिट जोड़कर भी ये सीमा पार हो सकती है, इसलिए हिसाब रखें।
करेंट अकाउंट के नियम
व्यापारियों के लिए करेंट अकाउंट में पचास लाख रुपये तक सालाना कैश जमा की छूट है। लेकिन इससे ज्यादा पर स्रोत बताना अनिवार्य होता है। बिजनेस इनकम या बिक्री से आया कैश साबित करें, वरना जांच शुरू हो जाती है। एक दिन में दो लाख रुपये से ज्यादा कैश लेने या देने पर भी पाबंदी लगती है।
बड़े डिपॉजिट से जुड़े खतरे
ज्यादा कैश डालने पर आयकर विभाग नोटिस भेज सकता है। अगर जवाब न दें तो पेनल्टी या 60 फीसदी तक टैक्स लग सकता है। निकासी के समय भी नियम हैं – बीस लाख से ऊपर पर टीडीएस कटता है। ITR फाइल न करने वालों को और सख्ती झेलनी पड़ती है। हमेशा कागजात तैयार रखें जैसे सैलरी स्लिप या बिल।
सुरक्षित तरीके अपनाएं
चेक, यूपीआई या नेट बैंकिंग से पैसे ट्रांसफर करें ताकि रिकॉर्ड बने रहे। बड़े अमाउंट के लिए पहले बैंक से सलाह लें। हर महीने अपने खाते का स्टेटमेंट चेक करें और संदिग्ध ट्रांजेक्शन नोट करें। परिवार के सदस्यों के खातों में भी सावधानी बरतें क्योंकि कुल मिलाकर जांच होती है।
क्यों बदले नियम?
सरकार डिजिटल इंडिया को बढ़ावा दे रही है इसलिए कैशलेस लेन-देन को प्रोत्साहन मिल रहा है। नोटबंदी के बाद से ये नियम और सख्त हो गए हैं। किसान, छोटे व्यापारी सबको फायदा मिलेगा अगर समय पर जानकारी हो। नियम बदल सकते हैं इसलिए आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें। सही प्लानिंग से टेंशन फ्री रहें।
















