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TRAI ने बताया असली और फर्जी मैसेज की पहचान ऐसे करें, SMS में P, -S, -T, -G का मतलब जानिए

मोबाइल यूज़र्स के लिए जरूरी जानकारी! TRAI ने बताई नई पहचान विधि जिससे आप फर्जी मैसेज और स्कैम से तुरंत बच सकते हैं, जानिए इन कोड्स का सीक्रेट।

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आजकल मोबाइल पर आने वाले हर मैसेज पर शक होता है। TRAI ने एक आसान तरीका दिया है जिससे आप झट से बता लें कि संदेश सच्चा है या ठगों का जाल। ये खास कोड्स देखकर सावधानी बरतें और पैसे-डेटा की चोरी से बचें।

TRAI ने बताया असली और फर्जी मैसेज की पहचान ऐसे करें, SMS में P, -S, -T, -G का मतलब जानिए

कोड्स की आसान व्याख्या

हर जेनुइन कमर्शियल SMS के हेडर में डैश के बाद एक कोड जुड़ता है। ये कोड मैसेज का असली चेहरा दिखाते हैं।

  • P कोड: प्रचार से जुड़े संदेश, जैसे डिस्काउंट या शॉपिंग अलर्ट।
  • -S कोड: सेवा संबंधी सूचना, जैसे बिलिंग या अकाउंट स्टेटस।
  • -T कोड: लेन-देन की पुष्टि, जैसे UPI ट्रांसफर या OTP।
  • -G कोड: सरकारी अलर्ट, जैसे योजना अपडेट या टैक्स नोटिस।

फर्जी संदेशों का खेल

ठग अक्सर इन कोड्स छुपाते हैं या गलत हेडर इस्तेमाल करते हैं। अगर मैसेज में कोड न दिखे, तो ये फिशिंग हो सकता है। वे KYC अपडेट, लॉटरी जीत या अकाउंट बंद की धमकी देकर लिंक भेजते हैं। ऐसे क्लिक से फोन हैक हो जाता है।

खुद को सुरक्षित रखने के तरीके

DND एक्टिव रखें, अनजान लिंक न खोलें। शक हो तो बैंक ऐप या 1909 हेल्पलाइन चेक करें। SMS फॉरवर्ड न करें, वरना चेन बन जाता है।

क्यों जरूरी है ये पहचान

हर रोज करोड़ों SMS आते हैं, जिनमें फ्रॉड छिपे रहते हैं। TRAI का ये सिस्टम टेलीकॉम कंपनियों को मजबूर करता है कि वो कोड्स सही लगाएं। अब कंपनियां टेम्प्लेट पहले रजिस्टर करेंगी, ताकि फर्जी लिंक-नंबर ब्लॉक हो जाएं। 60 दिन में पुराने टेम्प्लेट बदलने होंगे।

दैनिक जीवन में अपनाएं

सुबह बैंक मैसेज आए तो कोड चेक करें। शॉपिंग ऑफर पर P देखें। सरकारी स्कीम का G कोड न हो तो इग्नोर। इससे समय बचेगा और सुरक्षा बढ़ेगी। ये छोटी आदत लाखों ठगी रोक सकती है। 

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