हिमाचल प्रदेश सरकार ने छोटे व्यवसायियों को आर्थिक तंगी से उबारने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। शहरी क्षेत्रों में कर्ज के जाल में फंसे दुकानदारों को अब आसानी से राहत मिल सकेगी। यह नई पहल उन कारोबारियों के लिए वरदान साबित होगी जो महामारी के बाद लोन चुकाने में असमर्थ हो गए।

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योजना की शुरुआत और विस्तार
प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री लघु दुकानदार कल्याण योजना को शहरी इलाकों तक फैला दिया है। पहले यह ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही थी, लेकिन अब शहरों के हजारों छोटे दुकानदार इसका लाभ उठा सकेंगे। योजना का मुख्य लक्ष्य एनपीए घोषित बैंक खातों को साफ करना है। सरकार खुद 10 लाख रुपये तक के लोन पर अधिकतम 1 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता देगी। यह राशि बैंकों के माध्यम से सीधे जमा होगी, जिससे दुकानदारों को नई शुरुआत मिल सके।
कौन ले सकता है लाभ?
यह सुविधा उन दुकानदारों के लिए है जिनका सालाना टर्नओवर 10 लाख रुपये से कम है। अप्रैल 2020 से मार्च 2025 के बीच लिया गया व्यापारिक लोन एनपीए बन चुका हो। लेकिन सावधान रहें – जानबूझकर भुगतान न करने, धोखाधड़ी या गड़बड़ी के मामलों को इससे बाहर रखा गया है। अगर बकाया 1 लाख से ज्यादा है, तो बाकी राशि खुद जमा करनी होगी। अधिकतम लोन सीमा 10 लाख रुपये ही रहेगी।
लाभार्थी व्यवसायों की सूची
- चाय की दुकान या ढाबा चलाने वाले
- किराना स्टोर मालिक
- मोबाइल रिपेयरिंग या गैरेज संचालक
- दर्जी, मोची या नाई की दुकानें
- फल-सब्जी या सड़क किनारे ठेले वाले विक्रेता
- कटलरी स्टोर या अन्य छोटे कारोबार
ये सभी शहरी स्थानीय निकाय क्षेत्रों में काम करने वाले छोटे उद्यमी योजना के दायरे में आते हैं।
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आवेदन कैसे करें?
आवेदन शहरी स्थानीय निकायों के कार्यालयों में जमा करेंगे। वहां सत्यापन के बाद मामला बैंक को भेजा जाएगा। पारदर्शिता के लिए राज्य, जिला और स्थानीय स्तर पर निगरानी समितियां गठित होंगी। साथ ही एक एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल भी बनेगा, जहां स्टेटस चेक किया जा सकेगा। कोई प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लगेगा।
आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें
- हिमाचल प्रदेश का निवास प्रमाण पत्र और आधार कार्ड
- बैंक खाता व लोन विवरण
- आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
- दुकान या ठेले का लाइसेंस
- टर्नओवर प्रमाण (चार्टर्ड अकाउंटेंट सर्टिफिकेट या ITR कॉपी; ITR न हो तो आय प्रमाण पत्र)
सरकार की बड़ी सोच
यह योजना छोटे दुकानदारों को कानूनी पचड़ों से बचाएगी और कारोबार को पटरी पर लाएगी। आर्थिक रूप से कमजोर व्यवसायी अब बिना बोझ के आगे बढ़ सकेंगे। प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, क्योंकि ये छोटे कारोबार ही शहरों की रीढ़ हैं। जल्द आवेदन करें और इस मौके को हाथ से न जाने दें!
















