सरकार आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण वर्ग के लिए सरकारी नौकरियों और परीक्षाओं में नई राहत की योजना बना रही है। अभी तक EWS उम्मीदवारों को सामान्य वर्ग की तरह सख्त आयु सीमा का सामना करना पड़ता है, लेकिन अब इसे लचीला बनाने की चर्चा जोरों पर है। इससे लाखों युवाओं को अतिरिक्त समय मिल सकता है, खासकर प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने के लिए।

Table of Contents
बदलाव की मुख्य बातें
- पुरुष EWS उम्मीदवारों की आयु सीमा को 37 से बढ़ाकर 40 साल तक करने का प्रस्ताव, जो महिलाओं के स्तर पर लाएगा समानता।
- राज्य स्तर पर आयोगों ने सिफारिशें भेजी हैं, जो राष्ट्रीय नीति को प्रभावित कर सकती हैं।
- इसके साथ छात्रावास और वित्तीय सहायता जैसी अतिरिक्त सुविधाओं पर भी विचार चल रहा है।
युवाओं को फायदा
यह कदम UPSC, SSC और राज्य PSC जैसी परीक्षाओं में EWS अभ्यर्थियों को अन्य वर्गों के बराबर अवसर देगा। कई राज्य पहले ही इस दिशा में कदम उठा चुके हैं, जिससे तैयारी करने वालों को नई उम्मीद जगी है। गरीब सवर्ण परिवारों के बच्चों को अब ज्यादा प्रयास का मौका मिलेगा।
आगे क्या होगा
प्रस्तावों पर जल्द फैसला अपेक्षित है, जिसके बाद अधिसूचना जारी हो सकती है। केंद्र सरकार दिशानिर्देशों में संशोधन पर विचार कर रही है, ताकि पूरे देश में एकसमान नीति लागू हो सके। युवा इस बदलाव का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
















