सरकार के सख्त निर्देशों पर रोहतास जिले में अपात्र राशन कार्डधारकों के खिलाफ अभियान तेज हो गया है। आयकर भरने वाले, महंगे वाहन रखने वाले और पर्याप्त संपत्ति वाले लोग लंबे समय से सब्सिडी वाले अनाज उठा रहे थे, अब इनके कार्डों पर कुल्लू डाल दिया गया। जिले के सासाराम, डेहरी और बिक्रमगंज अनुमंडलों में कुल 53,850 ऐसे कार्ड चिह्नित हो चुके हैं, जो इस महीने के अंत तक बंद हो जाएंगे।

Table of Contents
अपात्रों की पहचान कैसे हुई?
आधार लिंकिंग और डिजिटल जांच से आर्थिक रूप से सक्षम लोगों का पर्दाफाश हुआ। कई परिवारों के पास चारपहिया वाहन, शहरों में मकान-जमीन हैं, फिर भी वे गरीबी का लाभ ले रहे थे। कृषि यांत्रिकरण योजना से महंगे उपकरण खरीदने वाले भी निशाने पर आए, क्योंकि ये योजना छोटे किसानों के लिए है। इससे असली गरीबों का हक छिन रहा था, जो अब सुधरेगा।
अनुमंडलवार आंकड़े चौंकाने वाले
सासाराम में सबसे ज्यादा 23,850 कार्ड, डेहरी में 11,000 और बिक्रमगंज में 19,000 अपात्र पाए गए। प्रखंड कार्यालयों पर इनकी सूची चस्पां की गई है। लोग खुद को गरीब बताकर सालों से मुफ्त राशन लेते रहे, लेकिन अब पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इससे सरकारी खजाने की बचत होगी और सही लाभार्थी सामने आएंगे।
यह भी पढ़ें- किसानों के लिए बड़ी खबर 5,100 एकड़ जमीन अधिग्रहित! सरकार देगी करोड़ों का मुआवजा
आपत्ति का आखिरी मौका
खाद्य विभाग ने 29 दिसंबर तक आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया है। तय तारीख तक कोई स्पष्टीकरण न आने पर कार्ड अपने आप रद्द हो जाएंगे। पहले अपील की गई थी कि स्वेच्छा से कार्ड जमा करें, लेकिन अनदेखी पर अब सख्त कदम उठाए गए। स्थानीय एमओ और डीलरों ने पहले चेतावनी दी थी।
आगे क्या होगा और सलाह
रद्द होने के बाद नया कार्ड बनवाने के लिए साफ-सुथरे दस्तावेज जमा करें। e-KYC अपडेट रखें और नियमित अनाज उठाव करें। ये कदम पूरे देश में चल रहे हैं, ताकि सब्सिडी सिर्फ जरूरतमंदों तक पहुंचे। जागरूक रहें, वरना मौका हाथ से निकल जाएगा!
















