गरीब परिवारों के बच्चे अब प्राइवेट स्कूलों में मुफ्त पढ़ाई का सुनहरा अवसर पा सकते हैं। सरकार न केवल फीस माफ कर रही है, बल्कि किताबें और अन्य जरूरी खर्चे भी वहन करेगी। 2 जनवरी से शुरू हो रही इस योजना से लाखों बच्चे बेहतर शिक्षा की मेनस्ट्रीम में शामिल हो सकेंगे।

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RTE योजना का बड़ा लाभ
यह खास आरक्षण गरीब और कमजोर तबके के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों की शुरुआती कक्षाओं में दाखिला दिलाने पर केंद्रित है। हर प्राइवेट स्कूल को अपनी कुल सीटों का एक चौथाई हिस्सा इन बच्चों के लिए अलग रखना पड़ता है। इससे सामाजिक समानता बढ़ती है और गुणवत्ता वाली शिक्षा सभी तक पहुंचती है।
पात्रता के मुख्य नियम
आर्थिक रूप से कमजोर परिवार, अनुसूचित जाति-जनजाति या विशेष जरूरत वाले बच्चे इस कोटे के हकदार होते हैं। बच्चे की उम्र आमतौर पर 3 से 6 साल के बीच होनी चाहिए, जो नर्सरी या पहली कक्षा के लिए उपयुक्त है। परिवार की सालाना आय एक निश्चित सीमा से कम होनी चाहिए, जो राज्य स्तर पर तय होती है।
क्या-क्या मिलेगा मुफ्त
दाखिला मिलने पर ट्यूशन फीस पूरी तरह सरकार द्वारा स्कूल को दी जाती है। इसके अलावा किताबें, यूनिफॉर्म और स्कूल बैग जैसे खर्चे भी कवर होते हैं। कुछ जगहों पर मिड-डे मील और अन्य सुविधाएं भी जोड़ी जाती हैं, ताकि बच्चे बिना किसी आर्थिक चिंता के पढ़ सकें।
आवेदन की आसान प्रक्रिया
2 जनवरी से अपने राज्य के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा। जरूरी दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाणपत्र, आधार कार्ड और निवास प्रमाण अपलोड करें। स्कूलों की पसंद भरें और लॉटरी सिस्टम से नाम आने का इंतजार करें। अंतिम तिथि तक फॉर्म भरना न भूलें।
जरूरी टिप्स अभिभावकों के लिए
जल्दी आवेदन करें क्योंकि सीटें सीमित होती हैं और चयन लॉटरी पर निर्भर करता है। सभी दस्तावेज सही और अपडेटेड रखें, वरना आवेदन रद्द हो सकता है। राज्य की शिक्षा वेबसाइट पर ताजा अपडेट चेक करते रहें, क्योंकि तारीखें थोड़ी बदल सकती हैं। इस मौके को हाथ से न जाने दें!
















