कड़ाके की ठंड ने उत्तर भारत के कई इलाकों में स्कूलों की दिनचर्या को पूरी तरह उलट-पुलट कर दिया है। छात्रों की सेहत को देखते हुए शिक्षा विभाग ने कई राज्यों में विंटर ब्रेक को बढ़ाकर 15 दिनों तक कर दिया। अब बच्चे घर पर गर्माहट का लुत्फ ले सकेंगे।

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ठंड का असर बढ़ा
शीतलहर और घने कोहरे ने सुबह के समय स्कूल जाने को जोखिम भरा बना दिया। छोटे बच्चों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया, इसलिए प्राइमरी से हायर सेकेंडरी स्तर तक के स्कूलों पर छुट्टी का सर्कुलर जारी हुआ। यह कदम मौसम की मार से बच्चों को बचाने के लिए उठाया गया।
राज्यवार नया शेड्यूल
विभिन्न राज्यों में शिक्षा विभाग ने अलग-अलग तारीखें तय कीं, लेकिन कुल मिलाकर 15 दिनों की छुट्टी का पैटर्न दिख रहा है। नीचे राज्यवार मुख्य डिटेल्स:
| राज्य | शुरूआत की तारीख | अंतिम तारीख | कुल अवधि |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 23 दिसंबर | 6 जनवरी | 15 दिन |
| उत्तर प्रदेश | 25 दिसंबर | 8 जनवरी | 15 दिन |
| हरियाणा | 1 जनवरी | 15 जनवरी | 15 दिन |
| राजस्थान | 22 दिसंबर | 5 जनवरी | 15 दिन |
ये तारीखें मौसम की स्थिति पर निर्भर हैं और जरूरत पड़ने पर बदल सकती हैं।
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विभाग का बड़ा फैसला क्यों?
घने कोहरे से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और प्रदूषण ने हालात और बिगाड़ दिए। विभाग ने छात्रों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए यह आदेश पारित किया। कुछ जगहों पर हाइब्रिड क्लासेस चलाने का विकल्प भी अपनाया गया ताकि पढ़ाई पूरी तरह न रुके।
अभिभावकों के लिए टिप्स
इस ब्रेक में बच्चे त्योहार मनाएं, लेकिन घर पर ही पढ़ाई का रूटीन बनाए रखें। गर्म कपड़े पहनाएं, पौष्टिक भोजन दें और स्कूल वेबसाइट पर अपडेट चेक करते रहें। ठंड बढ़ने पर छुट्टियां और लंबी हो सकती हैं, इसलिए तैयार रहें।
















