उत्तर प्रदेश का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ने वाला है। इसके लिए 74 किलोमीटर लंबा नया लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा, जो यात्रा को कई घंटे छोटा कर देगा। यह प्रोजेक्ट क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा।

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प्रोजेक्ट की शुरुआत और जमीन अधिग्रहण
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने इस महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी दे दी है। करीब 740 एकड़ जमीन के अधिग्रहण का आदेश जारी हो चुका है, जो 16 गांवों से ली जाएगी। यह जमीन खरीद प्रक्रिया जनवरी 2026 से तेजी पकड़ेगी, ताकि निर्माण बिना रुकावट आगे बढ़े। स्थानीय किसानों को उचित मुआवजा देकर उनकी सहमति ली जा रही है।
एक्सप्रेसवे का रूट और तकनीकी डिजाइन
यह एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के स्याना क्षेत्र से निकलकर नोएडा के सेक्टर 21 के पास फिल्म सिटी तक पहुंचेगा। कुल लंबाई 74.3 किलोमीटर है, जिसमें 120 मीटर चौड़ाई वाली सड़क बनेगी। YEIDA के हिस्से में 20 किलोमीटर का ट्रैक होगा, जिसमें 9 किलोमीटर ऊंचा एलिवेटेड सेक्शन शामिल है। सर्विस रोड्स से गांवों की सड़कों को कोई नुकसान नहीं होगा। कुल 56 गांव इससे प्रभावित होंगे, जिनमें गौतम बुद्ध नगर के 8 और बुलंदशहर के 48 गांव हैं।
यात्रियों और व्यापारियों को क्या फायदा?
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, बुलंदशहर, खुर्जा और स्याना जैसे शहरों से एयरपोर्ट की दूरी घंटों कम हो जाएगी। दिल्ली-NCR के निवासियों को गंगा एक्सप्रेसवे होते हुए तेज पहुंच मिलेगी। YEIDA के इंडस्ट्रियल सेक्टर 28, 29, 32 और 33 में कार्गो टर्मिनल्स मजबूत होंगे। लॉजिस्टिक्स और एयर फ्रेट व्यवसाय को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। कुल प्रोजेक्ट की लागत 4000 करोड़ रुपये आंकी गई है।
क्षेत्रीय विकास में नया दौर
यह लिंक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और NH-34 से भी कनेक्ट हो सकता है, जिससे ट्रैफिक का बोझ कम होगा। नोटिफाइड लैंड पर सट्टेबाजी रोकने के लिए बिक्री पर रोक लगा दी गई है। डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट जल्द तैयार होगी। इससे नोएडा एयरपोर्ट एक वैश्विक हब बनने की राह पर होगा। आसपास के इलाकों में नई फैक्टरियां, वेयरहाउस और आवासीय कॉलोनियां उमड़ेंगी।
भविष्य की योजनाएं और चुनौतियां
सरकार का लक्ष्य 2026 तक निर्माण शुरू करना है, ताकि एयरपोर्ट के पहले फेज के साथ सिंक हो जाए। पर्यावरणीय मंजूरी और सर्वे कार्य तेज हैं। स्थानीय लोगों की चिंताओं को दूर करने के लिए पब्लिक हियरिंग हो रही हैं। यह प्रोजेक्ट नोएडा को भारत के सबसे तेज बढ़ते एयरपोर्ट हब में बदल देगा।
















